जूते की पुकार
रमेश तैलंग
फट गया हूं मैं तले से, कट गया हूं मैं गले से।
लद गया मेरा जमाना, हो गया हूं अब पुराना।
आ पड़ी है जान पर, रुकने लगे सब काम मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!
एक बूढ़े दादा जी हैं, छोड़ते मुझको नहीं हैं।
थक गया हूं रोज कहकर, चल रहा हूं बस घिसटकर।
व्यर्थ ही, लगता, गए सब मिन्नतें, 'परनाम' मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!
ऑपरेशन की जरूरत, है यही बचने की सूरत।
देर कर दी और थोड़ी, जान जायेगी निगोडी।
वो कबाड़ी भी न देगा चार पैसे दाम मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!
रमेश तैलंग
फट गया हूं मैं तले से, कट गया हूं मैं गले से।
लद गया मेरा जमाना, हो गया हूं अब पुराना।
आ पड़ी है जान पर, रुकने लगे सब काम मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!
एक बूढ़े दादा जी हैं, छोड़ते मुझको नहीं हैं।
थक गया हूं रोज कहकर, चल रहा हूं बस घिसटकर।
व्यर्थ ही, लगता, गए सब मिन्नतें, 'परनाम' मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!
ऑपरेशन की जरूरत, है यही बचने की सूरत।
देर कर दी और थोड़ी, जान जायेगी निगोडी।
वो कबाड़ी भी न देगा चार पैसे दाम मेरे।
हो कहां, मेरी खबर लो अब तो मोचीराम मेरे!




