यह कैसी लाचारी है
बस्ता मुझसे भारी है।
कंधा रोज भड़कता है, जाने क्या क्या बकता है,
लाइलाज बीमारी है, बस्ता मुझसे भारी है।
जब भी मैं पढ़ने जाता, जगह जगह ठोकर खाता,
बस्ता क्या अलमारी है, बस्ता मुझसे भारी है।
कान फटे सुनते सहते, मुझे देखकर सब कहते,
बालक नहीं, मदारी है, बस्ता मुझसे भारी है।



