कैसी ज्योतिष विद्या लेकर ये पंडित जी आए?
निरंकार देव सेवक
एक ज्योतिषी सड़क किनारे पोथी को फैलाकर
बता रहे थे भाग्य किसी का ज्योतिष गणित लगाकर
अगले वर्ष तुम्हारे घर में दो बच्चे खेलेंगे,
इसी माह में केतु उदय है राहु अस्त हो लेंगे।
दस दिन में कुनबे का कोई खो भी जा सकता है,
पर शनि के प्रभाव से घर भी वापिस आ सकता है।
तभी एक लड़के ने आकर कहा ज्योतिषी जी से,
पुत्र तुम्हारा गिरा कुएँ में उठो चलो जल्दी से।
भाग्य पूछने वालों के सिर यह सुनकर चकराए,
कैसी ज्योतिष विद्या लेकर ये पंडित जी आए?
अपने बेटे के भविष्य का जिनको पता नहीं था,
भाग्य-भविष्य दूसरों का वे बतला सकते हैं क्या?