इससे तो अच्छा : जाकिर अली रजनीश की विज्ञान कथा
-
*“करम बेटे, कहां जा रहे हो? चलो पहले होमवर्क करो।” मम्मी की आवाज सुनकर करम
का मूड ऑफ हो गया। कहां वह बैट–बॉल लेकर खेलने जा रहा था और कहां यह होमवर्क।...
3 days ago




8 टिप्पणियाँ:
Nice poem.
प्यारी सी कविता ....
बहुत प्यारी कविता। मजा आ गया।
Nice poem.
ज़ाकिर अली जी रसबतिया का रसिक बनने के लिए धन्यवाद आपका रस भरी बातों में स्वागत है आशा है आप भी अपने दिल की बात कहने के लिए रसबतिया पर ज़रूर आते रहेगें ।
आपका प्रयास बहुत अच्छा लगा ब्लॉग्स की टीआरपी देख कर मन खुश हो गया
बहुत मज़ेदार शिशुकविता!
bahut pyaariii
cute
Thank you Zakir ji .
Post a Comment