स्कूल की वैन
डॉ. रामनिवास मानव
वैन स्कूल की जब भी आती, बच्चों में हलचल मच जाती।
भाग-दौड़ करते हैं बच्चे, देरी से डरते हैं बच्चे।
लगे रमन को बस्ता भारी, बस में चढ़ने की लाचारी।
भूला नवल टिफिन ही लाना, जूतों की पॉलिश करवाना।
मोनू की ढ़ीली है टाई, कैसे काम चलेगा भाई।
निम्मी भूली बैज लगाना, पर मुश्किल अब घर से लाना।
सुमन का होमवर्क अधूरा, जाने कैसे होगा पूरा।
गुस्से में हैं मम्मी-पा, डाँट रहे हैं खोकर आपा।
कंडक्टर ने बस को रोका, उत्पाती बच्चों को टोका।
ठीक नहीं है मारा-मारी, सभी सढ़ेंगे बारी-बारी।
जब भी वैन स्कूल कीआती, नुक्कड़ पर महफिल लग जाती।
लगते सुभग-सलोने बच्चे, जैसे सजे खिलौने बच्चे।।


