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मूस जी मुसटन्‍डा...

मूस जी मुसटन्‍डा

-कृष्‍णेश्‍वर डींगर


मूस ही मुस्‍टंडा,
लिये हाथ में डंडा।

बिल्‍ली बोली म्‍याऊँ,
किस चूहे को खाऊँ।

मूस ही मुस्‍टंडा,
गिरा हाथ से डंडा।

बिल्‍ली जी के आगे,
पूँछ दबाकर भागे।

मूस ही मुस्‍टंडा,
रह गया बाहर डंडा।

घुस गये जाकर बिल में,
चूहों की महफिल में।

1 टिप्पणियाँ:

Reena Maurya said...

bahut acchi balkavita hai tom and jerry hindi me acchi lagi...

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