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वो गूगल में खोज रहा था, राम नाम है कैसे जपना।

बंदर ने देखा ये सपना

 
बंदर ने देखा ये सपना 
लैपटॉप है उसका अपना। 
वो गूगल में खोज रहा था 
राम नाम है कैसे जपना। 

बेटा बोला पापा छोड़ो 
फेसबूक में खाता खोलो 
सारा जंगल होगा अपना। 

तभी बंदरिया डंडा लाई 
लैपटॉप की करी पिटाई 
बोली ये दुष्मन है अपना। 

सब पेड़ों में मीठे फल हों 
सब नदियों में मीठा जल हो 
आंख खुली तो सोचे बंदर 
कैसे पूरा हो ये सपना।

3 टिप्पणियाँ:

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar said...

Bhai bahut pyara Balgeet...Rajiv ji ko hardik badhai....
Hemant

Digamber Naswa said...

सुन्दर बाल रचना ...

ब्लॉग - चिठ्ठा said...

आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (28 दिसंबर, 2013) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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