ब्लाग के लिये रचनाकारों से मौलिक एवं स्वरचित रचनायें आमंत्रित हैं। हमारा पता है- ज़ाकिर अली ‘रजनीश’, 7ए/55, वृन्दावन योजना, रायबरेली रोड, लखनऊ-226025. Email- zakirlko@gmail.com, मोबाइल:-09935923334
इससे तो अच्छा : जाकिर अली रजनीश की विज्ञान कथा
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*“करम बेटे, कहां जा रहे हो? चलो पहले होमवर्क करो।” मम्मी की आवाज सुनकर करम
का मूड ऑफ हो गया। कहां वह बैट–बॉल लेकर खेलने जा रहा था और कहां यह होमवर्क।...
7 टिप्पणियाँ:
बहुत बढिया बाल रचना। बधाई।
बहुत सुन्दर...मेरी दादी का भी येसे ही चश्मा खोजाता है....
बहुत अच्छा बाल गीत!
बहुत सुन्दर बाल गीत...
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
बहुत सुन्दर...
बद्रीनाथ गया था , तभी इस रचना को देर से देख पाया . .आप सहित .... सभी को धन्यवाद .
आना मेरे गाँव , तुम्हे मैं
दूँगी फूल कनेर के
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