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बाल कविता- चुन्नू चला स्कूल



नटखट गोलमटोल सा
लिए हाथ में रुल।
लिये पीठ पर बस्‍ता

चुन्नू पहुंचा स्कूल।।

एक हाथ में थर्मस थामे
दूजे में थी टाफी।
ब्रेड और जैम टिफिन में रखा
उतना ही था काफी।

नये दोस्‍त नये सहपाठी
धमाचौकडी, मस्ती

घर लौटे चुन्नू को देख
मम्मी उसकी हँसती।।

-रवि प्रकाश केशरी

6 टिप्पणियाँ:

seema gupta said...

एक हाथ में थर्मस थामे
दूजे में थी टाफी।
ब्रेड और जैम टिफिन में रखा
उतना ही था काफी।
" प्यारी सी बाल कविता , सुंदर"
regards

संगीता पुरी said...

बहुत प्‍यारी बाल कविता।

जितेन्द़ भगत said...

मजेदार। बचपन याद आ गया।

विनय said...

सुन्दर कविता हिअ, आनन्द आ गया!

आपका सहयोग चाहूँगा कि मेरे नये ब्लाग के बारे में आपके मित्र भी जाने,

ब्लागिंग या अंतरजाल तकनीक से सम्बंधित कोई प्रश्न है अवश्य अवगत करायें
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विनय said...

मकर संक्रान्ति की शुभकामनाएँ
मेरे तकनीकि ब्लॉग पर आप सादर आमंत्रित हैं

-----नयी प्रविष्टि
आपके ब्लॉग का अपना SMS चैनल बनायें
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विनय said...

बहुत ख़ूब

---
आप भारत का गौरव तिरंगा गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने ब्लॉग पर लगाना अवश्य पसंद करेगे, जाने कैसे?
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